हाफ़िज़ का कोर्स करने वाले 6 स्टूडेंट को बांधी गई पगड़ी
29 बच्चों ने किया नाजरा कुरआन पूरा
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बच्चे हाफिज हुए बांधी पगड़ी |
बेगमगंज। शहर कि सबसे बड़ा मदरसा मदीनातुल उलूम पठान वाली मस्जिद में शबे बरात के मौके पर सालाना जलसा मौलाना नज़र मो. कासमी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। जिसमें मदरसे के ढाई दर्जन तलवा ने किरत, तकरीर, नात, मुकालमा, हम्द, नज़्म वगैरा को बेहतरीन अंदाज में पेश किया तो मौजूद लोगों ने हौसला अफजाई करते हुए नगद इनामात से नवाज़ा। वही खुशीसी इनामात जाहबज़ेब खान एडवोकेट, नवेद नवाब खान, राशिद मंसूरी, हाजी हकीम पठान, हाजी फिरोज खां, अफसर खां सौदागर की ओल से दिए गए।
जलसे मैं मौलाना नजर मो. कासमी उस्ताद मदरसा मदीनतुल उलूम, मौलाना मासूम खान मजाहिरी नाजिम मदरसा मोहम्मद गढ़, मौलाना सामिद खां नदवी इमाम मरकज मस्जिद ने सालाना जलसा मदारिस की जरूरत और शबे बराअत की अहमियत पर विस्तार से रोशनी डालते हुए लोगों से पैगंबरे इस्लाम के बताए तरीके पर अमल पैरा होकर इबादत करने और जिंदगी गुजारने की नसीहत की। तथा अपने बच्चों को अच्छे से अच्छी तालीम दिलाए लेकिन उससे पहले उन्हें दीन का इल्म दिलाने पर जोर देते हुए अपने बेटे बेटियों के सीने में खुदा के कलाम से भरने की अहमियत बताते हुए मदारिस को दीन का किला बताया।
जलसे का संचालन मुफ्ती रुस्तम खां नदवी उस्ताद मदरसा हाजा व इमाम पठान वाली मस्जिद ने करते हुए मदरसे की व्यवस्थाओं और सालाना खर्च के बारे में भी रोशनी डालते हुए मदरसे के लिए ज्यादा से ज्यादा सहयोग करने की अपील की।
खादिम मदरसा सैयद हाफिज अकबर खां ने सभी का शुक्रिया अदा करते हुए बताया कि 2014 से अभी तक 49 बच्चे हाफिज हो चुके हैं जलसे में पिछले साल चार बच्चे हाफिज हुए थे इस बार 6 बच्चे हाफिज हुए जिनमें बेगमगंज के इस्हाक भाई रेगजीन वालों के बेटे अबूज़र राईन, अब्दुल अज़ीज़ राईन मछली वालों के बेटे मो. अली राईन, मडिया धामनोद से मो. सालिम खां, कनेरा सिरोंज निवासी मो. फरहान, व मो. अलफेज और सैनकुआ सागर से शेर अली को पगड़ी बांधकर हाफिज की सनद दी गई। नाजरा कुरआन पूरा करने वाले तुलवा में 8 बच्चियों भी शामिल है।
जलसा देर रात तक चलता रहा काफी तादाद में लोग और शहर के उलेमा शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने मदरसे के उस्तादों के लिए भी उपहार दीए और मदरसे की बेहतरीन व्यवस्थाओं के लिए मदरसे के उस्ताद और कमेटी को मुबारकबाद देते हुए दुआओं से नवाजा।