करोड़ों रुपए खर्च के बाद भी अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए योजनाएं कागजों से आगे नहीं निकल पा रही हैं। इस सच्चाई से बुधवार रात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रुबरु हुए। मुख्यमंत्री ने बुधवार की देर रात करीब साढ़े दस बजे श्यामला हिल्स स्थित अंबेडकर छात्रावास पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। तेज सर्दी होने के कारण छात्रावास के सभी कमरों में छात्र सो चुके थे, लेकिन मुख्यमंत्री चौहान के पहुंचते ही छात्र बिस्तरों से निकलकर बाहर आ गए।

अव्यवस्थाओं को सामने देख हैरान रह गए मुख्यमंत्री भी
छात्र रामू टेकाम के साथ मुख्यमंत्री छात्रावास परिसर में स्थित आदिवासी और अनुसूचित जाति छात्रावासों के कमरों में गए और छात्रों से चर्चा की। छात्रों ने उन्हें छात्रावास की समस्याओं के बारे में विस्तार से बताया। छात्रों ने मेस संचालन, अधिकारियों की मनमानी, कर्मचारियों की अनुपस्थिति और छात्रों की अधिक संख्या के संबंध में मुख्यमंत्री के सामने शिकायतें रखीं। सीएम ने भरोसा दिलाया कि, वे तीन दिन बाद फिर से सभी अधिकारियों के साथ आएंगे और सभी समस्याओं का समाधान कराएंगे। उल्लेखनीय है कि कुछ समय पूर्व प्रदेश भर के छात्रावासों के छात्रों द्वारा राजधानी में किए गए प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने इनसे मुलाकात की थी। अंबेडकर छात्रावास के छात्रों से मुख्यमंत्री ने छात्रावास में आकर चर्चा करने का आश्वासन दिया था। इस औचक निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ केवल उनके सुरक्षाकर्मी थे और सीएम के पहुंचने की किसी को भनक भी नहीं लगी।